Mary Kom Retirement News- क्या सच में मैरी कॉम ने संन्यास लिया है? जानिए इसके पीछे का कारण

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बुधवार की शाम को एक न्यूज एजेंसी द्वारा यह समाचार प्रकाशित किया गया था कि मेरी ने उम्र के आधार पर अपने पेशेवर जीवन से संन्यास लेने का निर्णय किया था। परंतु, मेरी के हालिया वक्तव्य से यह स्पष्ट हो गया है कि वे संन्यास नहीं ले रहीं।

Mary Kom Retirement News- क्या सच में मैरी कॉम ने संन्यास लिया है? जानिए इसके पीछे का कारण
Mary Kom Retirement News- क्या सच में मैरी कॉम ने संन्यास लिया है? जानिए इसके पीछे का कारण

Table of Contents

मैरी कॉम के उपलब्धियां [Mary Kom Achievements]

मैरी कॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक्स में 51 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह इस उपलब्धि के साथ महिला मुक्केबाजी में ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। इस ऐतिहासिक जीत से पहले, वह पहले ही 5 बार विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी थीं।

मैरी कॉम का योगदान और प्रेरणा

मैरी कॉम का मुक्केबाजी में योगदान सिर्फ पदक जीतने तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने खेल के माध्यम से भारतीय युवाओं को प्रेरित किया है और महिला एथलीटों के लिए एक मिसाल कायम की है। उनका संघर्ष और उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।

संन्यास के बाद की योजनाएँ [Mary Kom After Retirement Plans]

संन्यास लेने के बाद भी, मैरी कॉम की योजनाओं में खेल के प्रति उनका योगदान जारी रहेगा। उनका लक्ष्य युवा प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करनाऔर भारतीय मुक्केबाजी को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। उनका अनुभव और ज्ञान नए एथलीटों के लिए अमूल्य साबित होगा।

मैरी कॉम का असाधारण योगदान

छह बार की विश्व चैंपियन, मैरी कॉम ने 2021 में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। इस उपलब्धि के साथ, उन्होंने अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन किया। मैरी कॉम के नाम 8 विश्व चैंपियनशिप पदक, 7 एशियाई चैंपियनशिप पदक, 2 एशियाई खेल पदक और एक राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक है।

टोक्यो ओलंपिक 2021 में भागीदारी

मैरी कॉम ने 2021 में टोक्यो ओलंपिक में भी भाग लिया था, जहाँ वे महिला फ्लाईवेट वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में इंग्रिट वालेंसिया से हार गईं। इस महान मुक्केबाज के नाम सर्वाधिक विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने का रिकॉर्ड है, जो किसी भी पुरुष या महिला मुक्केबाज द्वारा हासिल किया गया है।

संन्यास का फैसला [Mary Kom Retirement Reason]

मैरी कॉम ने संन्यास लेने का फैसला किया क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबीए) के नियम के अनुसार, पुरुष और महिला मुक्केबाजों को 40 वर्ष की आयु तक ही “कुलीन स्तर” पर प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति है। आईबीए के तकनीकी और प्रतियोगिता नियमों के नियम 2.1.2 के अनुसार, 19 से 40 वर्ष की आयु के बीच के पुरुष और महिला मुक्केबाजों को एलीट मुक्केबाजों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

मैरी कॉम का यह फैसला न सिर्फ उनके अद्वितीय करियर का अंत है, बल्कि यह युवा मुक्केबाजों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी है। उनका योगदान और उनकी उपलब्धियां विश्व मुक्केबाजी में एक अमिट छाप छोड़ गई हैं।

Mary Kom Retirement Fake News

बुधवार की शाम को खबर आई थी कि मेरी ने उम्र का उल्लेख करते हुए अपने पेशेवर जीवन से विदाई लेने का निर्णय किया है। हालांकि, मेरी के हालिया वक्तव्य से यह स्पष्ट हो गया है कि वे अभी संन्यास नहीं ले रही हैं।

Mary Kom Biography in Hindi [मैरी कॉम जीवन परिचय]

विवरणजानकारी
पूरा नाममैंगते चुंगनेइजंग मैरी कॉम
जन्म तिथि1 मार्च 1982
जन्म स्थानकांगाथेई, मणिपुर, भारत
खेलमुक्केबाजी
वजन श्रेणीफ्लाईवेट
ओलंपिक पदककांस्य (2012, लंदन)
विश्व चैंपियनशिप पदक8 पदक (6 स्वर्ण, 1 रजत, 1 कांस्य)
एशियाई चैंपियनशिप पदक7 पदक (5 स्वर्ण, 1 रजत, 1 कांस्य)
एशियाई खेल पदक2 पदक (1 स्वर्ण, 1 कांस्य)
राष्ट्रमंडल खेल पदक1 स्वर्ण (2018, गोल्ड कोस्ट)
पेशेवर करियर की शुरुआत2000
संन्यास2024 (अनुमानित)
महत्वपूर्ण उपलब्धियांओलंपिक पदक विजेता, 6 बार विश्व चैंपियन, पद्म भूषण, पद्म श्री
प्रेरणादायक पहलूमुक्केबाजी में भारतीय महिलाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत

मैरी कॉम की भावनात्मक विदाई

मैरी कॉम की अंतरात्मा की आवाज

हाल ही में एक कार्यक्रम में भाग लेते हुए, महान मुक्केबाज मैरी कॉम ने अपने दिल की बात साझा की। उन्होंने बताया कि उनमें अभी भी प्रतिस्पर्धा करने की तीव्र इच्छा है, लेकिन उम्र की सीमा उनके खेल करियर के आगे बढ़ने में एक बाधा बन रही है।

उम्र की सीमा से जूझती चैंपियन

मैरी कॉम ने उल्लेख किया कि उन्हें खेल से दूर होने के लिए मजबूर किया गया है। उनका कहना था कि वे अभी भी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए उत्सुक हैं, परंतु दुर्भाग्यवश उम्र सीमा के खत्म हो जाने के कारण वे ऐसा नहीं कर सकतीं।

संन्यास का दुखद निर्णय

मैरी कॉम ने आगे कहा कि उन्हें और खेलना है, लेकिन उम्र सीमा के नियमों के कारण उन्हें इसे छोड़ने के लिए विवश किया जा रहा है। इस स्थिति में उन्होंने बड़े भारी मन से संन्यास का निर्णय लिया और अपने असाधारण करियर का समापन किया। उनकी यह बातें न केवल उनके प्रशंसकों के लिए, बल्कि पूरे खेल जगत के लिए भावनात्मक क्षण रहीं।

FAQ

1. प्रश्न: मैरी कॉम का जन्म कब हुआ था?

उत्तर: मैरी कॉम का जन्म 1 मार्च 1982 को हुआ था।

2. प्रश्न: मैरी कॉम ने कितनी बार विश्व चैंपियनशिप जीती है?

उत्तर: मैरी कॉम ने 6 बार विश्व चैंपियनशिप जीती है।

3. प्रश्न: मैरी कॉम किस खेल से संबंधित हैं?

उत्तर: मैरी कॉम मुक्केबाजी से संबंधित हैं।

4. प्रश्न: मैरी कॉम का ओलंपिक में क्या उपलब्धि है?

उत्तर: मैरी कॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था।

5. प्रश्न: मैरी कॉम ने कब संन्यास लिया?

उत्तर: मैरी कॉम ने 2024 में संन्यास लिया।

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